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Thursday, August 5, 2021

प्रेरणादायक कहानी:—★ (संगत का असर)★

अगर आपको अपनी जिंदगी में सफल होना है। तो या कहानी पूरी पढ़ें, और बताएं जो मैंने लिखा है, वह सत्य है या असत्य।


बहुत समय पहले की बात है। एक राजमहल में राजा के साथ –साथ एक बहुत ही प्यारा– सा तोता रहता था। राजा उसका बहुत अच्छे से ख्याल रखते थे।राजा उससे बहुत प्यार भी करते थे।

1 दिन की बात है। तोते की अचानक से मृत्यु हो गई, यह खबर सुनकर राजा को बहुत दुख हुआ, राजा इस वजह से बहुत उदास रहने लगा। ऐसे ही कुछ दिन बीते राजा को अब अपने कमरे में खाली– खाली सा लगने लगा और राजा जब भी उस खाली पिंजरे को देखता उदास हो जाता था। राजा से वह खाली पिंजरा देखा नहीं जाता । फिर 1 दिन राजा ने मंत्री को आदेश दिया। कि मेरे लिए एक तोता लाया जाए। मंत्री:_ ने कहा जो आज्ञा महाराज मंत्री ने पूरा दिन इधर-उधर ढूंढा और शाम को राज महल में एक प्यारा सा तोता लेकर आए

। राजा तोता देखकर बहुत खुश हुए । राजा उस तोते को अपने कमरे में रखने का आदेश दिया । जब राजा रात में अपने कमरे में सोने गए तभी, वह तोता ने कहा शुभरात्रि महाराज राजा यह सुनकर बहुत खुश हुए और फिर सो गए।।सुबह हो गई , चारों तरफ पक्षियों मधुर स्वर में गाने लगी, पक्षियों के साथ–साथ वह तोता भी मधुर वाणी में गाने लगा। राजा अभी तक सो ही रहे थे , तभी तोता मधुर स्वर में राजा से कहा ;–उठ जाओ महाराज कब तक सोओगे, सुबह हो गई। आपको यह नींद कमजोर बना रही है। आपको एक सफल राजा बनने से रोक रही है ,फिर तोता मधुर गीत गाने लगी,( भजन मंत्र) का उच्चारण करने लगी,( भक्ति गान करने लगी)। श्लोक पढ़ने लगी, यह सब सुनकर राजा का मन अत्यधिक प्रसन्न हो गया। राजा को यह तोता बहुत प्रिय लगने लगा ऐसे कुछ दिन बीते राजा की जिंदगी खुशहाल चल रही थी। फिर 1 दिन उस तोते की भी मृत्यु हो गई ।

इस बार राजा को बहुत ज्या दा दुख हुआ । क्योंकि कि उनका सबसे प्यारा तोता उनसे दूर हो गया। लेकिन राजा ने तोते की याद में उनका विधि पूर्वक अंतिम संस्कार किया। ब्राह्मणों को खाना खिलाया और तोता की याद में दान –पुण्य भी किए, ऐसे कुछ दिन बीते राजा को कमरे में फिर से अकेला महसूस होने लगा राजा ने फिर मंत्री को आदेश दिया, ऐसे ही एक मधुर स्वर वाला तोता लाया जाए। मंत्री ने कहा जो आज्ञा फिर दूसरे दिन मंत्री एक और तोता लेकर आए।

राजा बहुत खुश हुए ।फिर एक दिन राजा सुबह देर तक सो रहे थे । तभी वह तोता बोला ए ,राजा उठ जा कब तक सोएगा, मुझे खाने को दे, दे, अगर मुझे खाना नहीं खिला सकता तू ,तो मुझे यहां लेकर क्यों आया। ऐसे ही अपशब्द राजा को तोते ने कहा और, बहुत गंदे विचार प्रकट किए ,राजा को बहुत गुस्सा आया ।कुछ दिन बीते राजा उस तोते से परेशान हो चुका था, यह सब सुनकर राजा की स्थिति भी खराब होने लगी थी। फिर 1 दिन राजा ने उस तोते को पिंजरे सहित राज महल के बाहर फेंक दिया ।और सैनिकों ने उसे मार डाला

,अब राजा अकेला ही रहने लगा और सुख _पूर्वक राज किया।राजा के पास जो पहला तोता लाया गया था ।वह एक साधु के आश्रम से लाया गया था।

जो साधु की भक्ति को देखकर– सुनकर सीखते– सुनते अच्छा और मधुर स्वर हो गया।अच्छे विचार वाला बन गया।मधुर वाणी बोलने लगा। और अच्छा तोता कहलाया .

और दूसरा तोता एक कसाई के पास से लाया गया था । जो वहां रहन-सहन से दुर्व्यवहार से अपशब्द बोले जाने से वह भी वैसा ही बन गया जैसे वह कसाई था।

इस कहानी से हमे यह सीखने को मिलता है। जैसी आपकी संगत रहेगी। वैसे ही आप की रंगत हो जाएगी। अगर आप बुरे इंसान के संगत में रहोगे, तो कोई शक नहीं है, कि आप बुरे बनोगे और असफल रहोगे। इससे आप कभी सफल नहीं हो सकते। और आप सदैव बुरा व्यवहार ही करोगे । लेकिन मजे की बात यह है कि हमें बुरे लोगों के साथ रहने मैं ही मजा आता है। लेकिन यह बात सुन लो वह बुरे लोग हैं। वह सभी आपका साथ हमेशा नहीं देने वाले है। जब तक उसको आपसे कुछ मिल रहा है। या फिर आप के जरिए कुछ पाने की इच्छा है।

तब तक वह सभी आपके साथ हैं। एक दिन उन लोगों का काम हो जाएगा। फिर वह कहीं और चले जाएंगे और आप अकेला ही रह जाएंगे ।इस से अच्छा है ,कि अच्छे लोगों के साथ रहें। अच्छे लोग हमेशा आपके साथ रहेंगे चाहे आपका अच्छा वक्त हो या बुरा। साथ कभी नहीं छोड़ेंगे।अच्छे लोग साथ मजाक– मस्ती भी करने को बहुत मिलता है। और सीखने को भी बहुत कुछ मिलता है। जिससे इतना तो कह सकता हूं ,की आप कभी असफल नहीं रहोगे मन प्रसन्न रहेगा।  आपकी आत्मा प्रश्न रहेगी। और जिंदगी बदल जाएगी। लोग आपके प्रशंसा करेंगे। तो सोच लीजिए जीवन में मजा चाहिए या सफलता चाहिए। मजे के लिए तो जिंदगी पड़ी है। अगर आपको सफलता चाहिए तो आपकी सफलता के लिए एक छोटी सी कविता।

। "दरिया के बहाव को रोका किसने हैं। बांध हजार तोड़ दिए ठान ली जिसने हैं।"”।                “मान के हार जो बैठ गया वह मर गया ,जीता वही है जिसने बांध लिए जूते के तस्में है।”।                                              ।“कुछ कर गुजरने का दम, हमेशा से दिखता उस तुम में है।”।                                                     ।“पहले हाथों से उठाकर पैर अपने खुद आगे बढ़ाने होते। हैं।”।                                                  ।“जब निराश की कोख में आशा निकाल कर लाते हैं। सफलता ने तुम्हारे कांधे पर तभी सजाने हजार उमंगे हैं।”
Written by;—Nagendra kumar.

अंत में यही कहूंगा। खुश रहिए मुस्कुराते रहिए। और अपने सपने पूरे करने के लिए जी जान लगा दीजिए। क्योंकि सपने आपके हैं। तो पूरा भी आपको ही करना होगा। अगर यह कहानी बहुत अच्छी लगी, तो कमेंट में जरूर बताएं और ऐसे ही प्रेरणादायक कहानी के लिए सबसे ऊपर फॉलो का ऑप्शन आ रहा होगा। फॉलो कर ले, और कॉमट में जरूर बताएं ,आपको एक कहानी कैसी लगी धन्यवाद।।।।

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