यह कहानी आपकी जिंदगी बदल देगी।क्योंकि आप यह कहानी कभी नहीं भूल सकते हो। एक समय की बात है। एक नदी के तट पर एक राज्य स्थित था ।उस राज्य में सब खुशी-खुशी रहते थे। परंतु राज्य में कोई भी राजा नहीं बनना चाहता था। क्योंकि राज्य का एक नियम था। कि जो भी इस राज्य का राजा बनेगा उसे 1 साल बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
और जंगल में ना ही खाने पीने की सुविधा थी। और ना ही फल फूल के एक वृक्ष उस जंगल में जानवरों के अलावा और कुछ भी नही था । बस जानवरों का बसेरा था। कोई भी नया राजा बनता तो उसे यह नियम बताया जाता ।ऐसे ही कई साल बीत गए। और अब इस राजा को जंगल में छोड़ने का वक्त हो चुका था। क्योंकि इसके 1 साल पूरे हो चुके थे। इसी कारण से कोई भी उस राज्य का राजा नहीं बनना चाहता था। इसलिए उस राज्य के लोगों ने एक और नियम बनाया था। जो भी नया नवयुवक इस राज्य में प्रवेश करेगा उसे ही राजा घोषित कर दिया जाएगा। उस राज्य में 1 दिन एक नवयुवक प्रवेश किया।
तभी सभी राज्यवासी नारा लगाने लगे राजा की जय हो। वह युवक भी खुश हो गया। और सोचने लगा मैं कितना तकदीर वाला हूं। राज्य में प्रवेश करते ही राजा बन गया। उस युवक को राज महल ले गया। और सभी विधि विधान से राजा घोषित किया और राजगद्दी पर बिठाया गया। उस युवक को उस राज्य के नियम बताए गए व युवक डर गया।
और सोचने लगा कहां फंस गया मैं। राज्यसभा समाप्त हुई।पूरा दिन बीता और रात हो गई। उस राजा को रात भर नींद नहीं आई रात भर सोचने लगा। फिर राजा ने एक बुद्धि लगाई। कुछ दिन बीते गए। 1 दिन वह राजा ने जंगल घूमने के लिए राज्य मंत्री से कहा। राज मंत्री ने कहा महाराज 1 साल बाद आपको तो जंगल मे जाना ही है ।तो तो अभी क्यों राजा ने कहा मुझे अभी ही जंगल देखना है ।राज्यमंत्री सैनिक और राजा जंगल देखने जंगल में गए ।उन लोगों ने पूरा जंगल देखा जंगल में केवल बड़े-बड़े वृक्ष और जानवर उपस्थित थे। और फल फूल के एक भी वृक्ष नहीं थे ।राजा डर गया और जंगल देखकर राज्यमंत्री सैनिक और राजा राज महल वापस आ गए। राजमहल आते ही राजा ने आदेश दिया ।जैसा महल यहां स्थित पर है। वैसा ही महल उस जंगल में बनाया जाए।
और बहुत सारे फल फूल के वृक्ष लगाया जाए।और यह काम 6 महीने के अंदर अंदर पूरा हो जाना चाहिए। राज मंत्री ने कहा जो आज्ञा महाराज ।6 महीने बाद राज्य जैसा महल जंगल में तैयार हो गया।
राजा बहुत खुश हुआ और 6 महीने अच्छे से राज किया ।अब 1 साल पूरे हो चुके थे। अब राजा को जंगल में जाने का वक्त हो चुका था। राजा जाने वाले ही थे कि राजमंत्री ने रोक लियाऔर राजा से कहा आप ही हमारे महाराज है। हम नगरवासी बेवकूफ राजाओं को जंगल में भेजते थे। बुद्धिमान राजा को नहीं क्योंकि उन लोगों को भी यही नियम बताया गया था। लेकिन उन्होंने 1 साल अपना जीवन राज सुख में और राजभोग में बिता दिए। औेर अपने कल का नहीं सोचा आज से अप ही इस राज्य के राजा हैं।क्योंकि हमें एक बुद्धिमान राजा चाहिए। बेवकूफ राजा नहीं। अब आप जब तक चाहे तब तक इस राज्य में राज्य कर सकते हैं। आप ही हमारे राजा हैं। क्योंकि इस राज्य का हकदार राजा मिल चुका है। और सभी नगर वासी राजा की जय हो राजा की जय हो का नारा लगाने लगे।
इस कहानी से हम सब को यह प्रेरणा मिलती है ।की अगर हमें अपना कल अच्छा करना है।तो आज मुश्किलों से लड़ना पड़ेगा।अगर हम आज मजे करते है।तो यह दुनिया हमे भी उन राजाओं की तरह अकेला छोड़ कर आगे बढ़ जाएगी। इसलिए अगर अपना भविष्य अच्छा बनाना है ।तो वर्तमान में दिल और जान से मेहनत करनी पड़ेगी। अंत में यही कहूंगा जो आप सोच सकते हैं उससे भी अच्छा कर सकते हैं तो आप सब मेहनत करते रहिए। और सफल हो जाए।








Nice.. supbb....
ReplyDeleteThank you.
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