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Friday, July 23, 2021

प्रेरक कहानी:-।।धैर्य और साहस।।

 

Written by:—Nagendra kumar.

यह कहानी आपकी जिंदगी बदल देगी। क्योंकि इस कहानी से आप  सबको जिंदगी के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।राजा नाम का एक नवयुवक रहता था। वह शहर से गांव रहने आया। क्योंकि राजा को प्रमोशन मिला था। तो वह गांव में रहकर काम करने लगा। राजा गांव में ऑफिस के साथ-साथ अपना खुद का साइड व्यवसाय भी चालू कर लिया था।

और खेती बारी भी करता रहता था। जिंदगी खुशी-खुशी बीत रही थी। 1 दिन काम के सिलसिले में वह बाहर गया।उसे एक लड़की मिली धीरे-धीरे वह दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। फिर उन दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया। उन दोनो की शादी हो गई।

दोनो खुशी-खुशी रहने लगे।कहते है ना  समय कभी एक जैसा नहीं रहता । 1 दिन राजा के साइड व्यवसाय में बहुत बड़ा नुकसान हुआ। इस नुकसान की वजह से राजा  उदास रहने लगा।

लेकिन उसकी पत्नी ने हमेशा उसका साथ दिया। वह उसे समझाती रहती थी। जो होता है अच्छे के लिए होता  है। अपना धैर्य बनाए रखो। सब ठीक हो जाएगा कुछ वक्त और बीता। अब  किसी कारण से उसकी नौकरी चली गई। लेकिन राजा ने अपना साहस नहीं खोया। अब वह खेत_ बाड़ी पर ध्यान देने लगा।लेकिन उसमें भी असफल रहा। गांव में सूखा पड़ गया। जिस कारण से जमीन बंजर हो गई।

क्योंकि बारिश नहीं हुई इस कारण से फसल खराब हो गई।  अब तो राजा ने अपना  पूरी तरह से धैर्य खो चुका था। लेकिन कहते हैं ना अगर पत्नी साथ निभाने वाली हो तो जिंदगी के दुख कम लगने लगता है।राजा की पत्नी हमेशा कहती थी ।जो होता है अच्छे के लिए होता है। और वक्त एक जैसा नहीं रहता आज हमारा वक्त खराब है ।लेकिन कल जरूर बहुत अच्छा होगा ऐसे ही कुछ दिन बीते राजा के पास कमाने का कोई जरिया नहीं था।। अब उसने सोचा मैं खुद जमीन की खुदाई करूंगा। और पानी निकाल कर खेत की सिंचाई करूंगा। और खेती करूंगा। दूसरे दिन बाजार से खोदने का  साधन लेकर आए । और एक जगह खोदना चालु कर दिया।कुछ दिन बीते लेकिन पानी नहीं निकला। फिर भी राजा ने हार नहीं मानी और अपना धैर्य बनाए रखा। और जमीन को खोदता रहा। 1 दिन जमीन के अंदर से कोई तरल पदार्थ निकला।

राजा बहुत खुश हुआ और उसने अपनी पत्नी को बताया दोनों बहुत खुश हुए। लेकिन जैसे ही वह तरल पदार्थ गड्ढे में भरने लगा तो देखा कि वह पानी नहीं पेट्रोल है। दोनों बहुत खुश हुए । और राजा ने अपनी पत्नी से कहा तुम सही कहती थी।जो होता है अच्छे के लिए होता है । और समय कभी एक जैसा नहीं रहता। सब अच्छा होता है।अब धीरे-धीरे सब ठीक होने लगा। उसका व्यवसाय भी और अच्छे से चलने लगा। और राजा ने खुद का पेट्रोल पंप का निर्माण कर लिया।

अब वह दोनों खुशी-खुशी रहने लगे।दोस्तों अगर जीवन में सफलता चाहिए। तो धैर्य और साहस रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि  सफलता का मूल मंत्र धैर्य और साहस है।मनुष्य को अगर सफल होना है।

तो धैर्यवान होना जरूरी है।अगर कोई संकट आए तो धैर्य पूर्वक और साहस पूर्वक  उसका सामना करना चाहिए ।अंत में सब अच्छा ही होता है।और कभी घबराना नहीं अपने काम को करते रहो।दोस्तों 1 दिन आप भी सफल हो जाओगे। क्योंकि सफलता 1 दिन में नहीं मिलती लेकिन एक दिन जरूर मिलती है। अंत में यही कहूंगा। जो आप सोच सकते हैं ।उससे भी अच्छा कर सकते हैं।तो हंसते रहिए खुश रहिए ।
Written by:—Nagendra kumar.

और अपने सपने पूरे करने के लिए जान की बाजी लगा दीजिए। अगर मन मे कोइ भी सवाल हो तो। बेशक पूछ सकते हो। धन्यवाद।।।।।।।।।।।।।।।                                                                                                                                             "नाविक की धैर्य परीक्षा क्या,


जो धारायें प्रतिकूल न हों ।


"वह पथ क्या पथिक- कुशलता क्या,


जिस पथ में विखरे शूल न हो।”

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